अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष पर आओ एक काम करते हैं-सत्यम भास्कर - खबरदार जमुई

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Saturday, March 9, 2019

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष पर आओ एक काम करते हैं-सत्यम भास्कर


आओ एक काम करते हैं,
स्त्रीत्व का सम्मान करते हैं,

काली, दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती,तहेदिल से गुणगान करते हैं,स्मरण है, काज ये सहज नहीं,हर घूरती आंखों को ये पैगाम देते हैं,जो स्कैनर का काम करते हैं,बंद आँखों से एहसास करो,

जमीर बोल उठेगा,बदलो नजरिया, सम्मान करते हैं,छेड़खानी करते, अस्मत सरेआम करते हैं,मासूमियत को गुमनाम करते हैं,बदमिजाजी, बदतमीजी, इनके नाम होते है,सत्यम की ये पंक्ति,मनचलों को तमाम करते हैं,आज हम ये ऐलान करते हैं,सुधार की हम कामना करते हैं,सम्मान करो निज अनुजा का,तकदीर से मिलती हैं,बहन, मां, पत्नी, स्त्रीत्व का सम्मान करते हैं,भास्कर करे प्रार्थना,हर दिवस उनको मान देते हैं,आओ एक काम करते हैं,स्त्रीत्व का सम्मान करते हैं।


जानकारी  कविता के लेखक दिल्ली में प्रसिद्ध डॉक्टर हैं 

डा. सत्यम भास्कर

वरिष्ठ व्याख्याता

पोषण एवं प्राकृतिक स्वास्थ्य विज्ञान संघ.

नई दिल्ली। जिनका ताल्लुक बिहार के भागलपुर और जमुई से है।

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