वेलेंटाइन चॉकलेट डे स्पेशल-फिर वो भूली-सी याद आई है ! - खबरदार जमुई

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Saturday, February 9, 2019

वेलेंटाइन चॉकलेट डे स्पेशल-फिर वो भूली-सी याद आई है !


आईए, आज वैलेंटाइन बाबा के 'चाकलेट डे' पर हम अपने जीवन का पहला चाकलेट याद करते हैं। हमारे बचपन में चाकलेट नहीं, लाल-पीला-हरा लेमनचूस हुआ करता था। एक पैसे के चार। शाम को घर वापस लौटे थके-हारे पिता की गोद, थोड़ी डांट-डपट, कुछ दुलार, एक खुरदुरा-सा चुंबन और इनाम में दो-चार लेमनचूस ! मुंह में देर तक घुलती मिठास और फिर पिता के कपड़ों पर हमारा गीला-गीला रिटर्न गिफ्ट ! थोड़े बड़े हुए तो कभी-कभार टॉफी के दर्शन हो जाया करते थे। मां के छोटे-से खज़ाने से चुराए पैसों से खरीदी टॉफी का स्वाद फिर कभी दुबारा नहीं मिला। बचपन के उस लेमनचूस और टॉफी का क़र्ज़ तो हम-आप नहीं उतार सकते, लेकिन आज के दिन उस दौर का जादू जगाने की एक कोशिश तो की जा सकती है। क्यों न आज अपने पिता और मां को एक बच्चे की निश्छलता के साथ एक-एक बड़ा 'चाकलेट पैक' भेंट करें ? हंसिए नहीं, चाकलेट के मामले में बच्चे और बूढ़े एक जैसे लालची हुआ करते हैं। उन्हें आपका यह तोहफा ज़रूर पसंद आएगा और इसी के साथ शायद खुल जाए आपके बचपन से जुड़ी उनकी यादों का पिटारा। मां और पिता दोनों में कोई एक या दोनों ही स्मृतिशेष हैं तो उनकी तस्वीर के आगे अपना  गिफ्ट धरकर आंसुओं से उनकी तस्वीर गीली कर दें ! शायद जीते जी उन्हें और आपसे जुड़ी उनकी ख्वाहिशों को न समझ पाने का आपका दबा हुआ अपराध-बोध कुछ कम हो सके !

हैप्पी चाकलेट डे, मित्रों !
#पूर्व आईपीएस ध्रुवगुप्त सर की वाल से।

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